समाज चिंतक वसीम खान
संत कबीर नगर – जिले के सम्मानित जनता जिस सड़क परिवहन द्वारा अगर कहीं आना-जाना हो तो वह खुले में मेहदावल बाईपास पर पुल के नीचे खड़े होकर बसों की प्रतीक्षा करते है अंडर पास बनने से बारिश से तो लोग बच जाते हैं मगर ठंड हवा और गर्म लू से नहीं बच पाते हैं।
आज भी यहां की जनता इस इंतजार में है कि कब इन्हें इस समस्या से निजात मिले, वह कौन तारणहार होगा कि जो लोगों के लिए बस अड्डा का निर्माण कराएगा? इस समस्या के लिए शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी पूरी तरह से जिम्मेदार है जो 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक बस डिपो नहीं बनवा पाए। रेलवे स्टेशन के पास बना पुराना बस अड्डा अब केवल हाथी का दांत ही रह गया है। कुंभ स्नान को देखते हुए एक अस्थाई बस अड्डा शुगर मिल के पास बनवा दिया गया है जो की 91 प्लस सरकार की योजना है जो कि यह व्यवस्था सीतापुर बस डिपो के द्वारा देखी जा रही है लेकिन इस सुविधा के बारे में भी जनता पूरी तरह से अवगत नहीं है। संत कबीर नगर की जनता कब तक बिना बस डिपो के इस तरह से परेशानी झेलते हुए अपने आप को कोशती रहेगी।
