संत कबीर नगर- मॉरीशस के जत्थे ने देखी संतकबीर की निर्वाण स्थली !!
संतकबीर नगर- मगहर !
सदगुरू कबीर को जानने और मानने वाले देश ही नहीं विदेशों में भी हैं। जो कबीर के विचारों से प्रभावित हैं। मॉरीशस के ले ग्रांड ब्रांच रोड, ग्रांड बोस सवान्ने में स्थित कबीर आश्रम के महंत कृष्ण दास रोही मंगलवार को अपने शिष्यों के साथ कबीर समाधि व मजार का दर्शन किया। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज कबीर हमेशा बाह्य आडम्बर और कुरीतियों का विरोध कर स्वस्थ समाज बनाने के पक्षधर थे। उनके विचारों को अंगीकृत करने से जीवन सफल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कबीर के विचारों से ही समाज और देश को प्रगति के पथ पर लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कबीर ही शायद ऐसे संत हुए जिनका समाधि और मजार एक स्थान पर देखने को मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि कबीर ने समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और जाति पाती को मिटा कर एक सूत्र में बांधने का संदेश दिया था। उनके विचारों को हम सभी अपने जीवन उतारे तो जीवन सार्थक हो सकता है। कबीर ने समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि कबीर एक ऐसे सन्त हुए जिन्होंने सभी धर्मों को समझाने का प्रयास किया। चाहे वह किसी भी धर्म से जुड़ा अथवा मानने वाला हो दिखावे के सख्त विरोधी रहे। उनकी रचनाओं का अध्ययन कर अपने जीवन को सदमार्ग पर ले जाया जा सकता है। उनके द्वारा कबीर समाधि स्थली पर उनके स्तर से कुछ कार्य कराने की इच्छा प्रकट किया है। इस दौरान उन्हें डा. हरिशरण शास्त्री द्वारा कबीर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस मौके अरविंद दास शास्त्री, वैद्य राम शरण दास आदि लोग मौजूद रहे।

